Saturday, March 4, 2017

सभी आपदाएं हमारी नगर पालिकाओं के प्रबंधन का फेलियर है !


अपनी नाक़ाबिलियत और नाकामियों का ठीकरा विकसित देशों के सर पर कब तक फ़ोड़ोगे ??
सभी प्राकृतिक आपदाएं खासकर जो शहरों में पैदा होती है वे सभी महानगरपालिकाओं ! भूमाफियाओं और नेताओ के मिलीभगत से पैदा होने वाली समस्या है ! जो कि नदियों के बाढ़ क्षेत्र में कालोनियां बसाने और निर्माण के द्वारा पैदा होती हैं ! पहले हम नदी के बाढ़ क्षेत्र में अपना घर बनाते है और जब बाढ़ आती है तो जोर जोर से चिल्लाते हैं !
हम बात प्राकृतिक आपदाओ की कर रहे हैं ! पिछले डेढ़ -दो साल में भारत में कई आपदाएं आई और हिन्दुस्तान को तहस नहस करके चली गई ! पहले उत्तराखंड फिर कश्मीर और अब चेन्नई ! इन त्रासदियों के कारण हजारों जिंदगियां बर्बाद हो गई ! हजारो घर उजड़ गए लोग बेघर हो गए ! और  अरबों का नुकसान हुआ ! 
मिडियाँ में हफ़्तों तक बहस होती रही कि - लोग कैसे बेघर हो रहे हैं ! लोग कैसे मर रहे हैं ! आजकल तो मीडियावालों का एक प्रचलन सा चल पड़ा है ! उनके सामने लोग मर रहे होते है और वे साहब कैमरा सम्हाल कर दुनियां के सामने चिल्ला रहे होते हैं कि ये देखो लोग कैसे मर रहे हैं ! वो सिर्फ इसलिए ताकि उन्हें ढेर साड़ी टी आर पी मिल जाए !  सरकारें  अचानक होश में आती हैं और फटाफट दुनियां भर के तामझाम करना शुरू करती हैं ! 
प्राकृतिक आपदाओं का खेल तो निरंतर चलता ही रहेगा ! क्यूंकि प्रकृति अपने नियमों पर कार्य करती हैं न कि मनुष्यों के नियमो पर ! पर सवाल यह कि हम उन आपदाओं से बचने के लिए कितने और किस स्तर तक तैयार हैं ! कही अतिवृष्टि और कभी बाढ़ ! कभी अनावृष्टि और सुखा ! तो कभी तूफानों का प्राकृतिक दौर तो चलता ही रहेगा !तैयारी प्रकृति को नहीं हम मनुष्यों को करनी पड़ेगी ! पर क्या हम अभी तैयार हैं ! 
हिंदुस्तानी राजनीति अपने निजी स्वार्थो के कारण कोई भी निष्पक्ष निर्णय करने अक्षम है ! यहाँ घपलो और घोटालों का खेल नख से सर तक चल रहा है फिर जो योजनाएं पास होकर लागू होनी होती हैं वे सब घोटाले का शिकार हो जाती हैं ! चाहे उत्तराँचल हो या सीमंचल! चाहे कश्मीर हो या चेन्नई इन सभी आपदाओ के लिए जितनी प्रकृति जिम्मेदार है उतना ही जिम्मेदार सरकारी बाबुओं और घोटालेबाजों का भी है !कुल मिलकर देखा जाए तो हमारी नगरपालिकाएं अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार नहीं है ! हर तरफ बेईमानी का खेल चल रहा है ! 

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hi freinds come with me.