Friday, March 10, 2017

यहाँ गण तो है पर तंत्र कहाँ है !

यहाँ गण तो है पर तंत्र कहाँ है !
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हम सब भारतवासी !कल यानि कि २६ जनवरी को एक और गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं !
सिर्फ इसलिए कि २६ जनवरी 1950 को इस देश गणतंत्रीय शासन व्यवस्था लागू हुआ था !
पर आज हम किस गणतंत्र की बात करे ! और इस देश का गण जन कौन सा गणतंत्र मनाये !
इस देश में गण तो है पर तंत्र कहीं दिखाई नही देता !
इस देश में तंत्र की हालत खस्ता है ! हाँ हम सरकारी तंत्र की बात कर रहे हैं !
हमें एक बात समझ में नहीं आती कि इस देश में गण , तंत्र के लिए है या फिर तंत्र, चोर -लुटेरो के लिए !
आज तक को तंत्र को गण के लिए काम करते नही देखा ! हो सकता है कि भविष्य में तंत्र , गण के लिए काम करे !
वैसे भी हम भारतीयों में एक अजीब सी आदत है कि हम पिछले दश (१०) हजार साल पहले के कामो कि खुशियां आज भी बड़े धूमधाम से मनाते हैं ! हमें इसी बात से ख़ुशी मिलती हैं कम से कम हमारे पूर्वजो ने एक अच्छा काम किया था !
चुकी हम सब मिलकर भी कोई अच्छा काम तो कर नही सकते और न ही देशहित में कोई बड़ा काम करेंगे इसलिए हमने तो सोच लिया है कि हम अपने पूर्वजो कि कहानिया और उनके कामो कि खुशियां आज भी मनाएंगे ! वैसे ये भी कोई बुरा काम नही है !
जो लोग आज कुछ नहीं कर सकते वे बस अपनी पुराने कामो कि खुशियां मनाते हैं !
हमें लगता है गणतंत्र का नाम बदलकर नेतातंत्र और अफसरतंत्र कर देना चाहिए !
क्योंकि कल यानि कि २६ जनवरी को भीड़ तो गण कि होगी पर तंत्र कहीं नहीं दिखाई देंगा !
परंतु जाते जाते हम आप सभी देशवाशियों को गणतंत्र कि हार्दिक शुभकामनाये अवश्य देंते जाएंगे क्योंकि हम आपकी खुशियों में खलल पैदा नही करना चाहते !
गणतंत्र कि हार्दिक शुभकामना !
जय हिन्द !

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hi freinds come with me.